हिमालय की तलहटी में स्थित दार्जिलिंग अपनी प्राकृतिक सुंदरता, चाय बागानों और विश्व प्रसिद्ध टॉय ट्रेन के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से लगभग 2,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह शहर हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है।
दार्जिलिंग को “क्वीन ऑफ द हिल्स” के नाम से भी जाना जाता है। यहां से दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी, Kanchenjunga का शानदार दृश्य दिखाई देता है। साफ मौसम में दूर स्थित माउंट एवरेस्ट की झलक भी देखी जा सकती है।
दार्जिलिंग की पहचान उसकी उच्च गुणवत्ता वाली चाय से है। यहां की चाय दुनिया भर में निर्यात की जाती है और अपने विशेष स्वाद व सुगंध के लिए प्रसिद्ध है। चाय उद्योग स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दार्जिलिंग में ऐतिहासिक स्थलों और विरासत भवनों के संरक्षण पर भी कार्य किया जा रहा है। हाल ही में कैपिटल हॉल के पुनरुद्धार की योजना बनाई गई है, जहां चाय और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे से जुड़ा संग्रहालय विकसित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि दार्जिलिंग की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और विश्व प्रसिद्ध चाय उद्योग इसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक बनाते हैं।
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